- उज्जैन में त्योहारों से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च, टावर चौक से नीलगंगा तक निकला मार्च; होली, रंगपंचमी और रमजान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
- महाकाल में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: पंचामृत अभिषेक, रजत मुकुट-त्रिपुण्ड से दिव्य श्रृंगार; “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंजा मंदिर
- उज्जैन में मंदिर क्षेत्र के पास युवक से मारपीट: युवती के साथ होटल जा रहा था, बजरंग दल ने रोका; मोबाइल में अश्लील फोटो-वीडियो होने का आरोप, पुलिस ने जब्त किया फोन
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: रजत मुकुट, त्रिपुण्ड और पुष्पमालाओं से सजे बाबा, “जय श्री महाकाल” से गूंजा परिसर
- एमपी बजट 2026-27: सिंहस्थ के लिए 13,851 करोड़ का प्रस्ताव, उज्जैन में 3,060 करोड़ के नए विकास कार्य; 4.38 लाख करोड़ के कुल बजट में सिंहस्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
9 माह बाद दीनदयाल भोजन योजना फिर शुरू:महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र से पांच वितरण सेंटरों तक पहुंचाया जा रहा है
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित निशुल्क अन्नक्षेत्र से एक बार फिर से दीनदयाल रसोई योजना के लिए भोजन तैयार कर शहर के पांच वितरण सेंटरों तक नगर निगम के वाहन से पहुंचाया जा रहा है। इसके पहले 28 सितंबर 2022 को योजना प्रारंभ हुई थी। करीब नौ महिने बाद 15 जून 2023 को बंद हो गई थी। हाल ही में 13 जुलाई से एक बार फिर योजना शुरू की गई है।
शासन द्वारा गरीब व जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए दीनदयाल रसोई योजना एक बार फिर से शहर में शुरू कर दी है। इस बार भी भोजन बनाने की जिम्मेदारी श्री महाकालेश्वर मंदिर के निशुल्क अन्नक्षेत्र को दी है। अन्नक्षेत्र से इसका संचालन 13 जुलाई से शुरू हो गया है। प्रतिदिन करीब एक हजार लोगों के लिए अन्नक्षेत्र में रोटी, सब्जी, दाल, चावल सुबह 11: 30 बजे तक तैयार कर शहर के पांच सेंटरों नृसिंह घाट, नानाखेड़ा, फाजलपुरा, घासमंडी और जिला अस्पताल पर नगर निगम के वाहन से पहुंचाया जाता है। हालांकि श्रावण सोमवार को सवारी के कारण भीड़ अधिक होने की समस्या के साथ ही अन्नक्षेत्र में केवल फलाहार प्रसाद बनाया जाता है, इसलिए सोमवार को भोजन की सप्लाई नही होती है। इसके अलावा मंगलवार से रविवार तक तैयार भोजन कंटेनर में पहुंचाया जाता है।

मंदिर समिति न शुल्क लेती है न खाद्यान –
श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति के अन्नक्षेत्र में 28 सितंबर 2022 से दीनदयाल भोजन योजना के लिए भोजन बनाने की जिम्मेदारी दी थी। यह योजना करीब नौ महिने 15 जून 2023 तक चली। इस दौरान मंदिर समिति को खाद्य विभाग के माध्यम से प्रति माह 50 क्विंटल गेंहू और 50 क्विंटल चावल दिए जाना थे। हालांकि मंदिर समिति ने गेहूं और चावल लेने से इंकार कर दिया था। भोजन तैयार करने के एवज में कोई राशि भी नही ली गई। शासन द्वारा योजना के लिए 10 रूपए का अनुदान दिया जाता है। वहीं हितग्राही से 5 रूपए थाली लिए जाते है। इस बार 13 जुलाई से फिर योजना के लिए मंदिर समिति के अन्नक्षेत्र से भोजन बनाकर दिया जा रहा है।